हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा का केन्द्र बन कर उभरा:कंवर PDF  | Print |  E-mail
Written by Administrator   
Wednesday, 07 July 2010 19:14

दोबड़— परोईयां सड़क पर खर्च होंगे अढ़ाई करोड़

ऊना, 5 जुलाई  : मुख्य संसदीय सचिव वीरेन्द्र कंवर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश गुणात्मक शिक्षा का केन्द्र बन कर उभरने जा रहा है जिसमें अध्यापकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।     कंवर  आज हाई स्कूल परोईयां के वार्षिक पुरस्कार वितरण समारोह में

बतेर मुख्याातिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीसी के.आर.भारती ने की।

   उन्होंने अध्यापकों का आहवान् किया है कि वे अपने आचरण एवं कत्र्तव्यनिष्ठा से छात्रों के लिए आदर्श बनें।  उन्होंने कहा कि अध्यापकों को छात्रों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बनना चाहिए जो शिक्षा में गुणात्मक बदलाव लाने तथा देश के अच्छे नागरिक बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश उन चुनिन्दा राज्यों में है, जहां वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान वार्षिक बजट प्रावधानों का 17 प्रतिशत शिक्षा क्षेत्र के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को गुणात्मक अधोसंरचना शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए अधोसंरचना विकास के लिए बजट प्रावधान में 142 करोड़ रुपये की वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए प्रदेश सरकार ने 18 हजार शिक्षकों की भर्ती का निर्णय लिया है, जिनमें से 12 हजार की भरती की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ड्राप आउट रेट नगण्य है, जो एक प्रतिशत से भी कम है।  

                वीरेन्द्र कंवर ने इस अवसर पर कहा कि दोबड़—परोछईयां के निर्माण पर अढ़ाई करोड़ खर्च किए जायेंगे। इस सड़क के टैंडर शीघ्र ही किए जायेंगे। उन्होंने कहा कि वन विभाग से इस सड़क के निर्माण की क्लीयरैंस मिल गई है। उन्होंने स्कूल के ग्राऊंड के लिए एक लाख रूपए देने की घोषणा की और कि स्कूल में 4 अन्य कमरों के निपर्माण के लिए भी बजट उपलब्ध करवाया जायेगा।

       उन्हों इस अवसर पर स्कूल के मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया और परोईंयां हाई स्कूल के लिए अपनी एच्छिक निधि से 2100 रूपए और प्राईमरी स्कूल परोईयां व कुसियाला के लिए 1100—1100 रूपए देने की घोषणा की।

                                इस अवसर पर डीसी के.आर.भारती ने कहा कि प्रदेश में शिक्षण गतिविधियों के लिए सरकार द्वारा रिकार्ड बजटीय प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है और कठिन परिश्रम कभी विफल नहीं होता। ज्ञान अर्जित करने की कोई सीमा नहीं है और शिक्षकों को चाहिए कि वे अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए प्रयासरत रहें तथा सम्बन्धित क्षेत्रों में नवीनतम जानकारी ग्रहण करें। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों से कन्या भू्रण हत्या जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से मिटाने के लिए जनांदोलन चलाने की अपील की। उन्होंने स्कूल के विद्याार्थियों के लिए 2500 रूपए देने की घोषणा भी की।

              इस अवसर पर व्यापार मंडल अध्यक्ष विजय कौशल, राज्य अध्यापक संघ के प्रधान देवेन्द्र चंदेल, ब्ीडीसी सदस्य कै.प्रीतम सिंह व अमृत लाल शर्मा, परोईयां पंचायत की प्रधान महेन्द्रा देवी भी उपस्थित थे।